*नीमच में फर्जी फाइनेंस का मायाजाल, अच्छे सिबिल का झांसा देकर गायत्री मंदिर रोड से चल रहा ठगी का काला कारोबार*नीमच। इन दिनों सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर नीमच शहर के नागरिकों को ठगने का एक नया काला कारोबार तेजी से पनप रहा है। श्याम फाइनेंस के नाम से वायरल हो रहे एक पोस्टर में महज 30 मिनट में 10 हजार से 5 लाख रुपए तक का पर्सनल और बिजनेस लोन देने का दावा किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वैध लाइसेंस के, यह पूरा अवैध सिंडिकेट शहर के बीचों-बीच गायत्री मंदिर रोड से संचालित हो रहा है।आमतौर पर फर्जी लोन कंपनियां बिना किसी कागजी कार्रवाई के लोन देने का लालच देती हैं, जिससे लोग आसानी से शक कर लेते हैं। लेकिन इस गिरोह ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए एक नया पैंतरा अपनाया है। ये अपने विज्ञापनों में बकायदा लिखते हैं कि लोन सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जिनकी पुरानी ईएमआई रेगुलर चल रही हो और सिबिल स्कोर अच्छा हो। एक आम आदमी अच्छे सिबिल वाली इस शर्त को पढ़कर इसे कोई असली और प्रतिष्ठित फाइनेंस कंपनी मान बैठता है और आसानी से इनके बुने हुए जाल में फंस जाता है।जब इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की गई, तो पता चला कि इस तथाकथित फाइनेंस कंपनी का कागजों में कोई वजूद ही नहीं है। इनके पास न तो कोई एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन है, न आरबीआई का लाइसेंस और न ही कोई आधिकारिक वेबसाइट। सारा काम गायत्री मंदिर रोड स्थित एक गुमनाम दफ्तर और महज एक मोबाइल नंबर के जरिए धड़ल्ले से चल रहा है।इसके अलावा, अनजान हाथों में गए लोगों के पैन और आधार कार्ड का इस्तेमाल अन्य गंभीर साइबर अपराधों में भी हो सकता है।बिना किसी कानूनी मान्यता के शहर के इतने व्यस्त और प्रमुख इलाके में एक समानांतर अवैध बैंकिंग सिस्टम का चलना प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में नीमच पुलिस और साइबर सेल को तत्काल प्रभाव से इस वायरल नंबर की लोकेशन ट्रेस करनी चाहिए और गायत्री मंदिर रोड पर चल रहे इस अवैध दफ्तर पर सघन छापामार कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आम जनता अपनी गाढ़ी कमाई लुटाने से बच सके। नागरिकों को भी चाहिए कि वे बिना आरबीआई लाइसेंस देखे किसी भी निजी संस्था के झांसे में न आएं।
byAll State News 24
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