*पुरा गांव बेचकर खाने के मूड में था पटवारी..!**पत्नी और खुद कें नाम करवा ली पुरे गांव की गाम ठाम चबुतरे की जमीन..कलेक्टर ने किया सस्पेंड..!*मध्यप्रदेश के खंडवा जिले कें छैगांवमाखन तहसील के ग्राम कोलगांव में पदस्थ रहे तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई और उनकी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम गांव की एक-दो नहीं, बल्कि कुल 51 संपत्तियां राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज पाई गई हैं। मामला उजागर होते ही खंडवा कलेक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की विस्तृत प्रशासनिक जांच एडीएम (ADM) को सौंप दी है।पूर्व सरपंच और ग्रामीणों ने जब कलेक्टर से पूरे दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई, तो प्रशासन हरकत में आया। गांव में वर्षों से चल रहा यह खेल तब सामने आया जब केंद्र सरकार की 'स्वामित्व योजना' के तहत ग्रामीण आबादी की जमीनों की निशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई। ग्रामीणों ने जब पोर्टल और राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल की, तो उनके होश उड़ गए। पीढ़ियों से जिन जमीनों पर ग्रामीण काबिज थे, वे पटवारी और उनकी पत्नी के नाम पर चढ़ी हुई थीं। रिकॉर्ड में ग्रामीणों के घरों के बीच के निजी आंगन, आने-जाने के आम रास्ते, सार्वजनिक खुली जगहें, समाज विशेष की जमीनें और यहां तक कि सरकारी चबूतरे भी पटवारी दंपत्ति के नाम दर्ज पाए गए। खंडवा कलेक्टर ने मामले को गंभीर मानते हुए पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि एडीएम स्तर की जांच में यदि फर्जीवाड़े से पट्टे और रिकॉर्ड दर्ज करने की अंतिम पुष्टि होती है, तो इन सभी 51 संपत्तियों के पट्टे और नामांतरण तुरंत निरस्त किए जाएंगे। साथ ही सरकारी पद का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी करने के आरोप में आरोपी के खिलाफ विभागीय और वैधानिक आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
byAll State News 24
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