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*कोटा पुलिस की मनमानी का ग्रामीणों ने किया विरोध: बिना सूचना और वारंट के नाबालिग को उठाने पहुंची थी राजस्थान पुलिस, गाड़ी घिरी..!!**मंदसौर/शामगढ़ - राजस्थान के कोटा जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चंदवासा चौकी के गांव हांमली का है, जहां कोटा पुलिस बिना किसी स्थानीय सूचना या वारंट के एक नाबालिग युवक को पकड़कर ले जाने लगी। ग्रामीणों के कड़े विरोध और घेराबंदी के चलते कोटा पुलिस को खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ा गांव हांमली में आज 'झंडा समिति यात्रा' निकल रही थी। इसी दौरान चार पहिया वाहन में आई कोटा पुलिस ने यात्रा के बीच से एक स्थानीय युवक को हिरासत में ले लिया और जबरन गाड़ी में बिठाने लगे।जब ग्रामीणों ने पुलिस से गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो उन्होंने अजीब तर्क दिया कि "उक्त युवक का फोटो और मोबाइल नंबर एक मादक पदार्थ (तस्कर) के मोबाइल में मिला है।"कोटा पुलिस द्वारा कार्रवाई के दौरान न तो स्थानीय शामगढ़ थाने या चंदवासा चौकी को कोई पूर्व सूचना दी गई थी और न ही युवक की गिरफ्तारी से संबंधित कोई वारंट दिखाया गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले को भरोसे में लिए बिना की जा रही इस कार्रवाई से ग्रामीण भड़क उठे। देखते ही देखते ग्रामीणों ने कोटा पुलिस के वाहन को चारों तरफ से घेर लिया। छानबीन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस युवक को कोटा पुलिस तस्कर समझकर जबरन उठा रही थी, वह नाबालिग है। वह युवक गांव में पार्टनरशिप में डीजे संचालन का काम देखता है ग्रामीणों के विरोध और बढ़ते विवाद को भांपते हुए पुलिस अपनी सफाई में यह भी कहती नजर आई कि वे गांव की धानडी में किसी अन्य फरार आरोपी की तलाश करने आए हैं। स्थिति तनावपूर्ण होते देख और ग्रामीणों का आक्रामक रुख देखकर कोटा पुलिस के पसीने छूट गए। विवाद अधिक बढ़ने की आशंका के चलते पुलिसकर्मी बिना किसी कार्रवाई को अंजाम दिए अपने वाहन को वहां से किसी तरह निकालकर राजस्थान की ओर वापस रवाना हो गए। इस घटना के बाद से ग्रामीण क्षेत्र में कोटा पुलिस की इस संदेहास्पद और गैर-कानूनी कार्रवाई को लेकर भारी रोष व्याप्त है*

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