*उदयपुर रेफर 14 वर्षीय बालक की रास्ते में मौत, परिजनों ने रेलवे फाटक पर 30 मिनट तक रोके रखने का लगाया आरोप*नीमच। शहर के स्कीम नंबर 9, शंभू व्यायामशाला के समीप निवासी 14 वर्षीय सांवरिया सुराह पिता सूरज सुराह ग्वाला की मंगलवार को उदयपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। बालक को शुगर की शिकायत के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते जिला चिकित्सालय नीमच से उसे गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया था। परिजनों ने रेलवे फाटक पर हुई देरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।परिजनों के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन जुलूस के दौरान अचानक सांवरिया की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने शुगर की समस्या बताई। जिला चिकित्सालय में उसका उपचार चल रहा था, इसी दौरान सोमवार शाम उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी, जिसके चलते चिकित्सकों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया।मंगलवार सुबह करीब 11 बजे परिजन एंबुलेंस से सांवरिया को उदयपुर लेकर रवाना हुए। इसी दौरान नयागांव टोल टैक्स से पहले रेलवे लाइन के फाटक पर ट्रेन आने के कारण रास्ता बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि ट्रेन गुजरने के बाद भी करीब 30 मिनट तक रेलवे फाटक नहीं खोला गया। गंभीर हालत को देखते हुए परिजन गेटमैन से फाटक खोलने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।परिजनों का कहना है कि फाटक बंद रहने के कारण एंबुलेंस काफी देर तक वहीं खड़ी रही और इस दौरान बालक की हालत लगातार बिगड़ती गई। फाटक खुलने के बाद एंबुलेंस उदयपुर की ओर रवाना हुई, लेकिन मंगलवाड़ पहुंचने से पहले ही सांवरिया ने दम तोड़ दिया।परिजन एंबुलेंस से बालक का शव लेकर नीमच लौट रहे है। घटना से जुड़े वीडियो भी परिजनों द्वारा बनाए गए हैं, जिनमें वे रेलवे फाटक खोलने की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गंभीर मरीज को समय पर रास्ता नहीं मिलने के कारण उसकी हालत और बिगड़ी तथा उसकी जान चली गई।हालांकि, बालक की मृत्यु का चिकित्सकीय कारण और रेलवे फाटक पर हुई देरी का मृत्यु से सीधा संबंध जांच एवं चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
byAll State News 24
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