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*22 मौत के बाद बड़ा एक्शन, बंडा SDM-SDOP हटाए, 30 पर FIR 14 गिरफ्तार*मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली और अवैध शराब से हुई मौतों के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा एक्शन लिया है। बंडा SDM आरती यादव और SDOP प्रदीप वाल्मीकि को हटा दिया गया है। ताजा स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक मौतों की संख्या 22 तक पहुंचने की जानकारी है, जबकि बड़ी संख्या में मरीजों का सागर और भोपाल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने शराब ठेकेदार समेत कुल 30 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है और अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस शराब के निर्माण, पैकिंग, बिक्री और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की कार्रवाई तेज हो गई है। बंडा SDM आरती यादव को पद से हटाकर सागर कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को बंडा SDM का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जैन के पास शाहगढ़ का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।प्रशासन के बाद पुलिस विभाग में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। बंडा के SDOP प्रदीप वाल्मीकि को हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। उनकी जगह पुलिस मुख्यालय से DSP रोहित लखारे को बंडा SDOP की जिम्मेदारी दी गई है। यह कार्रवाई 7 सितंबर की रात जारी आदेश के बाद सामने आई।ताजा स्थानीय रिपोर्टों में बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। इनमें एक ही परिवार के पिता-पुत्र की मौत का मामला भी शामिल है। हालांकि इस संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर है। PTI आधारित 7 सितंबर के अपडेट में आधिकारिक तौर पर 12 मौतों की पुष्टि थी, जबकि बाद की स्थानीय और अस्पताल आधारित रिपोर्टों में यह संख्या तेजी से बढ़कर 22 बताई गई। Times of India ने भी 22 मौतों का आंकड़ा दिया है, लेकिन इसे गांवों, अस्पताल और अंतिम संस्कार संबंधी सूचनाओं पर आधारित बताते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर अंतिम पुष्टि बाकी थी। इसलिए प्रकाशन में “ताजा स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक 22 मौतें” लिखना ज्यादा तथ्यात्मक रहेगा।स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक शराब पीने के बाद बीमार पड़े 112 मरीजों का सागर और भोपाल के अस्पतालों में इलाज चल रहा है और कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की कुल संख्या को लेकर भी अलग-अलग अपडेट आए हैं। एक अन्य रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम के दौरान 160 से अधिक लोगों के अस्पताल पहुंचने की बात कही गई है। इसका अंतर संभवतः cumulative admissions और वर्तमान में उपचाराधीन मरीजों की संख्या के कारण हो सकता है।पुलिस कार्रवाई में शराब ठेकेदारों और अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा कस रहा है। पुलिस के अनुसार अलग-अलग मामलों में कुल 30 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोग भी शामिल हैं। अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि शराब कहां बनी, किसके जरिए सप्लाई हुई और गांवों तक किस नेटवर्क से पहुंची, इसका पता लगाया जा सके।सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संदिग्ध शराब कहां तैयार हुई, उसका भंडारण कहां किया गया, गांवों तक सप्लाई किसने पहुंचाई और शराब की बिक्री के दौरान किन विभागों या अधिकारियों से लापरवाही हुई। जांच में यह भी तय किया जाएगा कि मौतों की वास्तविक वजह संदिग्ध शराब थी या कोई अन्य कारण।

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