*निर्दलीय उम्मीदवार - चुनाव लड़ने मैदान में या...?**निम्बाहेड़ा चुनाव आते ही कुछ लोगों की बांछे खिल जाती हैं। कोई पार्टी से नाराजगी दिखाने के लिए फॉर्म भरता है, तो कोई किसी और चाहत से। लेकिन नाम वापसी के अंतिम दिन मैदान से बाहर हो जाता है।*नगर परिषद चुनाव में इस बार स्क्रूटनी के बाद *32 निर्दलीय प्रत्याशी* मैदान में हैं।इनमे से कुछ नाम पार्टियों के डमी उम्मीदवार है जिन्हे इसलिए उतारा गया कि यदि अधिकृत उम्मीदवार का फार्म किसी कारण निरस्त हो जाए तो उन्हे मौका दिया जा सके ऐसे नाम तो निश्चित तौर पर वापस होगें ही। पर क्या शेष उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए ही मैदान में हैं? जनता और बाजार में चर्चा गर्म है कि 45 वार्डों में से 40% फॉर्म सिर्फ दबाव बनाने के लिए भरे जाते हैं।*खेल कैसे शुरू होता है?*फॉर्म भरते ही अधिकृत उम्मीदवार टेंशन में आ जाता है। उसे लगता है, अगर ये नहीं बैठा तो मेरे 300-500 वोट काट देगा। फिर शुरू होता है मनुहार का दौर।सूत्रों की मानें तो पर्दे के पीछे तीन तरह की सेटिंग चल रही है -*1. नगद वाली सेटिंग -* "बैठने का खर्चा-पानी दे दो।" चर्चा है 50 हजार से 2 लाख तक का रेट चल रहा है।*2. ठेके वाली सेटिंग -* "तू बैठ जा, बोर्ड बना तो नाली-सड़क का काम दिलाएंगे।"*3. पद वाली सेटिंग -* "अगली बार तेरा टिकट पक्का, या तुझे कहीं फिट कर देंगे।"अब देखना दिलचस्प होगा कि 3 सितंबर शाम 5 बजे नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी - कौन जनता के लिए लड़ेगा और कौन सेटिंग करके बैठेगा।तब जनता खुद तय करेगी - *कौन नेता है और कौन सौदागर? All' State News 24 Neemuh
byAll State News 24
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